kitty party (किटी पार्टी)- shivani deshwal
नमस्कार दोस्तों
जैसा की आप सब नाम से ही समझ गए होंगे किटी पार्टी आज का शीर्षक है, जिसके बारे में हम बात करने वाले हैं, जब मैंने इंटरनेट छाना, गूगल सर्च किया तो मुझें कुछ खास जानकारी हाथ नहीं आयी और जो जानकारी मिली वो कुछ ख़ास नहीं लगी।क्युकि शायद लोग अपनी बात समझा नहीं पाए चूकि मेरी वास्तविकता और खासियत तो आप सब जानते ही हैं की में अपने ब्लॉग अपने ऊपर ही लिखती हूँ या उन्ही विषयो पर लिखती हूँ जो में खुद फॉलो करती हूँ। तो मुझे आईडिया आया कि मैंने भी किटी पार्टी ओर्गनाइज की है, और अटेंड भी तो क्यों ना कुछ अपने शब्दों में सरल भाषा में ही बताया जाये।
किटी को लोग अक्सर बड़े लोगो के शौक़, बिना काम काज वाली औरतों के चोंचले के रूप में देखतें हैं। या फिर रेव पार्टीज़, महंगे होटल, विज्ञापन करने के तरीक़े या दिखावा करने की जग़ह के रूप में भी देखते है। बोहोत लोगो को लगता है की बोहोत सारे पैसे, महंगे शौक, को पालने वाले या दिखावा करने वाले लोग ही किटी कर सकते है। धीरे धीरे किटी समाज में एक स्टेटस सिंबल बन गयी है, ऐसा हो भी सकता है, होता भी होगा, में इस बात से इंकार नहीं करती, तो क्या आम माध्यम वर्गीय परिवार से जुडी महिलाये किटी पार्टी कर ही नहीं सकती ?ये तो एक बड़ा पृश्न है ,जी हाँ में बता देती हूँ जवाब ,जवाब है हाँ बिल्कुल कर सकती हैं, तरीका मै बता देती हूँ , दोस्तों पहले तो आप सब किटी को हैसियत से जोड़कर देखना बंद कर दीजिये, मेरा मानना है कि किटी हमारे जैसी गृहणियों को अपने परमानेंट गृहस्थ जीवन से कुछ घंटो का टेम्पररी विराम या आराम देती है , मुझे मुझ में होने का एहसास करवाती है, मुझे नारी और सुन्दर नारी होने का एहसास कराता है, लगातार घर गृहस्थी , पति और बच्चों का ध्यान रखते रखते जब मैं अक्सर ठक्कर बालो में कंघी करना भूल जाती हूँ तो मुझ एहसास कराता है की उठो अलमारी खोलो सुन्दर कपडे पहनो जो भी तुम्हे पसंद हो साडी या जो भी थीम ड्रेस पहनो , अपने छुपा के रखे हुए गहने पहनो, सुन्दर चूड़ियाँ पहनो ,जैसे तैयार होने का आपका मन करे तैयार हो जाओ, अपने लिये खुद के लिए , और निहारो खुद को आईने में और हाँ नज़र का टीका भी लगा लेना आज बोहोत टाइम बाद इस तरह तैयार हुई हो। जैसे अपने बच्चो को लगाती हो किसी की बुरी नज़र से बचाने के लिए , तो तुमको और तो कोई लगाएगा नहीं इसलिए खुद ही लगा लो,अच्छे से बाल बनाओ,कपड़ो की तेह में दबा अपना पर्स ढूंढ़कर निकालो, और यदि तुम्हे कभी शौक था पर्स का कलेक्शन करने का तो फिर आज अपना शौक जिन्दा करो और निकालो ड्रेस से मैचिंग पर्स और अब देखो खुद को आईने में और पहचानो क्या तुम वही हो जो रोजमर्रा की दौड़ धुप में छिपी चेहरे की तरफ देखना ही भूल गयी हो, परवाह ही नहीं है तुम्हे खुद के आँखों क नीचे उभर आए उन काले घेरो की क्या मजाल थी जो शादी से पहले चेहरे पर एक पिंपल भी आ जाये पूरा घर सर पर उठा लेती थी। अच्छा अब जाओ जूते की अलमारी खोलो और अपनी बाहर पहनकर जाने वाली सैंडल्स निकालो वो भी दबी होंगी कही किसी और जुटे के नीचे, कितना समय हो गया इनको पहने, मौका ही कहा है कहै जाना होता है तो जैसे ही बच्चो को तैयार किया तुरंत सब बोलने लगते है चलो देर हो रही है, बस कुर्ती बदली तो बदली वरना जो सामने आया पहनकर गाड़ी में बैठ जाती हु, ये सोचकर आये गाड़ी में ही जाना है कौन देखेगा, जो चप्पल सामने मिली पहन ली जल्दबाज़ी में तो कई बार घर की चप्पलें पहनकर ही बहार चली भी जाती हूँ ।तो आज आप पूरी तरह तैयार हो जाओ और जाओ अपनी सहेली के घर जिसके यहाँ किटी पार्टी है,और है पर्स में ज्यादा नहीं तो कुछ तो पैसे डाल ही लेना , अभी तो गेम्स भी खेलने है। गेम्स खेलना kitty party का सबसे आनंदित करने वाला भाग होता है। और फिर विजेता बनकर गिफ्ट लेने का मजा ही अलग होता है। तो मिलकर मज़ा लेते रहिये।और हाँ अभी तो खाना भी खाना है, ढेर सारी मस्ती करने के बाद जब खाना आता तो सारी थकान दूर हो जाती है।तरह तरह के व्यंजन उनसे आती खुशबू, वाह! आनंद ही आ जाता है।मुझे लगता है कि खाना बनाना और खिलाना दोनो ही मे होस्ट का मेहमानो के प्रति आदर भाव व सम्मान और स्नेह पता चलता है।खाना खाते हुए गपशप करे औरअब आप होस्ट से विदा लेकर अपने घर वापस आ जाये ।तो ंमजा आया की नही मुझे जरुर बताएँ।
किटी पार्टी को लेकर ये मेरे अपने विचार हैं,जल्दी ही आपके सामने kitty के बारे मे नया ब्लॉग लेकर आऊंगी ।
Shivani deshwal
Shishu9.blogspot.com
Shivi chaudhary vlogger


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