बेटी मुखिया है भाग-4- शिवानी देशवाल
नमस्कार दोस्तों
सच बताऊँ तो मैंने एक बात गौर की है कि महिला होने के नाते हमारा संघर्ष ज्यादा होता है जो कि जीवन पर्यन्त चलता रहता है घर हो, ऑफिस हो, ससुराल हो,कही भी, छोटी से छोटी जरूरतें हो या फिर कितने ही जरूरी या गैर जरूरी काम। मैं मानती हूँ कि संघर्ष जरूरी भी कुछ हद तक, कयूकि जब कुछ भी बिना मांगे,बिना मेहनत के मिल जाये तो ना तो उसकी इतनी कद्र होती है और ना ही उसका मूल्य पता चलता है।पर अगर ये संघर्ष महिला होने क नाते ज्यादा है तब तो चिंतन का विषय है।
बहू होने के नाते मुझे हर उस चीज या सामान जिसकी मुझे जरुरत थी चाहे वो सम्मान हो, प्यार हो या खाने पीने ,या इस्तेमाल की कोई भी वस्तु,सब मेरे लिये संघर्ष का कारण बन गयी। यहा तक कि अपनी गर्भावस्था के दौरान खाई जाने वाले जरूरी खाद्य पदार्थ जिनसे पोषण मिलता है,क्रेवींग होने पर कुछ भी करने का मन ना करने जैसी समान्य बातो मे भी मुझे बोहोत संघर्ष करना पड़ा (खाना मिल जाता था खुद बनाती जो थी),हाँ कभी कभी छिप छिपाकर कुछ मिल गया तो बात अलग थी वो भी तब जबकि मन तो 4-5 दिन पहले किया था खाने का और मिला आज, इतने दिन मे तो मन और डिमांड दोनो बदल जाते थे।दूध और दही जैसी सामान्य चीजें जो हमारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसे जाटलैंड भी कहा जाता यहै, कहा का मुख्य खाना और खातिरदारी दोनो के लिये ही दूध जरुरी है, वहा मेरी शादी हुई, बावजूद इसके ये कहने की बजाय कि तुम्हारा जो मन करे इन दिनो वो खाओ,ये कहकर मना कर दी जाती थी कि ज्यादा खाने से वजन बढ़ जायेगा तुम्हारा और नॉर्मल डिलीवरी नही हो पाएगी।
अगर मैं गौर करू तो पाती हूँ कि इशिता ने जो गर्भ मे झेला है वो सब आदतें उसके अन्दर अभी भी हैं,वो जल्दी चिड़ है, उसको खाना ज्यादा पसंद नही है, उसकी कोई खास पसंद नही है ।अब तो फिर भी उसमें काफी बदलाव आ रहें है धीरे-धीरे।कभी कभी उसकी चिंता होती है मुझे।कितने कमाल की बात है पूरे नो साल हो गये फिर भी ये सब बाते मेरे दिमाग मे इस कदर ताजा है कि लगता है पूरी एक किताब लिख दूँ ।
सच बताऊँ तो ये मेरे अकेली की कहानी नही है जाने और कितनी शिवानी रोज ये सब झेलती हैं।और कुछ कर भी नही पाती कारण कई होते हैं।
धीरे-धीरे मैने विरोध करना शुरु कर दिया,अपने बच्चे के साथ ग़लत होते हुए मैं और ज्यादा नहीं देख सकती थी। जब कभी उसके बाबा उसे गोद मे उठाते तो ये कहकर उतरवा दिया जाता कि गोदी की आदत लग जायेगी इसे फिर रोज़ परेशान करेगी आपको ,मुझे बुरा लगता तो मे उसे अपने पास रसोई मे ही बिठाय रखती।
ऐसी ही जाने कितनी अनगिनत बाते हैं जो मैं लिखती रही तो शाम हो जायेगी।शेष अगले भाग में-
शिवानी देशवाल
shivicoolgirl@gmail.com
Shivi chaudhary vlogger
Shishu9.blogspot.com


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