क्या दुःख से निकलना इतना आसान है? -Shivani Deshwal
किसी को खो देने का दुख क्या होता है ये मुझसे पूछो मैने बोहोत करीब से इसे देखा है महसूस किया है। किसी बोहोत अपने को जो आपके दिल के बोहोत करीब हो और जिसकी आपने सपने में भी कल्पना ना की हो वही इन्सान अगर आपको हमेशा के लिए छोड़ कर चला जाए तो क्या होता है ये मुझसे बेहतर कौन बता सकता है।मेने तो इस दुख को जिया है बोहोत करीब से। मुझे समझना उन लोगों के लिये थोड़ा मुश्किल होगा जो समझना नही चाहते पर वो लोग आसानी से समझ जाएँगे जिन्होने मेरी तरह किसी भी अपने को हाल फिल्हाल खोया है। किसी के चले जाने मात्र से दुनिया नही रुकती यही प्रकृति का नियम है यही सच है। ये तो हम सब जानते ही हैं यहाँ तक के जब आप उन परिस्थतियों का सामना कर रहे होते हैं तब सभी ज्ञानी लोग हमे यही समझाते हैं इसी तरह पर हमारा मन सब जानते हुए भी उस दुख को सहने की शक्ति नही जुटा पाता। जुटाये भी कहाँ से ये दुख अचानक से इस तरह से हमारे ऊपर गिरते हैं की कितना ही समझदार इन्सान हो सब समझदारी धरी रह जाती है। जमीनी हकीकत यही है।कोई कुच भी कितना भी कहे पर मन तो मन है करेगा वही जो वो खुद चाहेग...