Anil Chauhan Ji ke Bare Mei Jankari- Jeevani

दोस्तो जौसा की आप सब को ज्ञात हो ही गया होगा की लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान जी (रिटायर) भारत के दूसरे सी डी एस होंगे।

Anil Chauhan Ji ke Bare Mei Jankari- Jeevani


इसकी घोषणा 22 सितम्बर 2022को की गई है। आइये जानते हैं कुछ मुख्य बातें ले. ज. अनिल चौहान जी के जीवन से जुड़ी हुई-

  • ले. ज. अनिल चौहान का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले मे हुआ था। आपको बताते चले कि पहले सी डी एस जनरल विपिन रावत जी भी उतराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले से ही ताल्लुक रखते थे, पिछ्ले साल दिसंबर माह मे उनकी हेलिकॉप्टर दुर्घटना मे पत्नी सहित मृत्यु हो गई थी।तब से ही सी डी एस का पद खाली था और उस पर कोई नियुक्ति नही की गई थी।
  • ले. जनरल अनिल चौहान का जन्म उत्तराखंड के पौढी गढ़वाल जिले मे 18मई 1961 हुआ था।
  • इनकी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता के केंद्रीय विद्यालय से हुई।
  • मात्र 20वर्ष की उम्र मे ही एन डी ए द्वारा भारतीय सैन्य एकेडेमी से ट्रेनिंग लेकर बतौर अधिकारी 11गोरखा राइफल्स मे कमीशन हुए।
  • इनकी पत्नी का नाम अनुपमा चौहान है जो कि एक कलाकार हैं।इन्हे तिब्बती कला बोहोत पसंद है।व इनकी एक बेटी है जिसका नाम प्रज्ञा है।
  • ले .जनरल अनिल चौहान जी को चीनी मामलों का विशेष जानकार माना जाता है। व उन्होंने एल ए सी को पूर्वोत्तर राज्यो की तरफ से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • बालाकोट एयर स्ट्राइक के समय डी जी एम ओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री आपरेशन)  के पद पर नियुक्त थे।एवं इनका आतंकवाद विरोधी गतिविधियों मे भी बड़ा योगदान रहा है।
  • अनिल चौहान देश के पहले ऐसे ऑफीसर होंगे जो रिटायरमेंट के समय थ्री स्टार रेंक के अधिकारी थे व अब फोर स्टार रेंक के अधिकारी नियुक्त होंगे।
  • सी डी एस बनने के साथ ही उन्हे सरकार के सचिव के पद पर भी नियुक्त किया गया है।
  • ले. ज.  ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रह चुके हैं व अजित डोभाल जो कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार है,के भी सलाहकार रह चुके हैं।
  • अनिल चौहान ने "आफटरमाथ आफ ए न्युक्लीयर अटेक"नाम की किताब भी लिखी है जो कि वर्ष 2010में प्रकाशित हुई थी ।व इन्होने रेजिमेंटल सेंटर की कमान संभालते हुए 11गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर का इतिहास भी लिखा है।
  • इन्होने अंगोला मे सयुक्त राष्ट्र मिशन के रूप में भी काम किया।
  • सेवानिवृत होने के बाद भी इन्होने राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलोंमें अपना योगदान जारी रखा एवं देश के प्रति अपनी सेवाएं देते रहे।


मुख्य मेडल 
परम विशिष्ट सेवा मेडल ( PVSM)
उत्तम युद्घ सेवा मेडल (UYSM)
अति विशिष्ट सेवा मेडल(AVSM)
विशिष्ट सेवा मेडल (VSM)
सेना मेडल ( SM)

सी डी एस कौन होता है-
रक्षा प्रमुख या चीफ ऑफ डीफेंस स्टाफ या तीनो सेनाओ के सैन्य प्रमुख और भारत सरकार के सबसे सीनियर वर्दीधारी सैन्य सलाहकार को कहा जाता है।भारत में दिसंबर 2019को इस पद के सृजन की घोषणा की गई तथा जरनल बिपिन रावत  को 1जनवरी 2020 को भारत का प्रथम रक्षा प्रमुख  नियुक्त किया गया। ये 4 सितारा रैंक के विशिष्ट अधिकारी होते हैं। इनका अवधि काल 3 वर्ष या 65वर्ष की आयु जो भी पहले हो जाए, तक  होता है। इनका मुख्य कार्य प्रमुख रक्षा मंत्रालय के अधीन सेना से जुडे मामले रखना व देखना होता है।

अन्तिम कुछ शब्द-
उम्मीद करती हूँ आपको ये जानकारी पसंद आई होगी।मेरे और भी ब्लॉग्स पढने के लिये shishu9.blogspot.com पर जाये व मेरा YouTube channel shivi chaudhary vlogger को भी देखे वहा आपको शिक्षा से जुड़े वीडियोज़ मिलेंगे।

शिवानी देशवाल

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