Namaskar Dosto Kai din baad kuch likhne beithi hu aj yup you r right i was little busy. Ek baat hai busy hona achha hai kyuki apka dhyan faltu ki negative baaton ki taraf nhi jata hai, in fact khush rehti hu aur sabse badi baat man halka rehta hai. Ab to jo bhi vichar din bhar se man mei aati hu sabhi ko kagaj par uker deti hu. Well ek achhi baat ye hau ki mei apni ek book bhi likh rhi hu, shuruat ho gyi hai roj kuch na likh hi deti hu. Time lag sakta hai thoda jyada. Umeed karti hu book apko achhi lgegi kyuki ye mere bhai ke bare mei hai. Ya keh sakte hai uski autobiography hai jo uske jane ke baad mei likh rhi hu. Wk aur book ayegi jisme uski poems, writing ka collection lekar aaungi. Festivals hai to busy hona to banta hai aur wo bhi sasural mei. Ajkal naye naye logo se milna hota hai aur achha lgta hai, mei khush rehti hu, khushi se apne sare kaam karti hu aur koshish karti hu ki mere aas paas ka mahol bhi khush gawar bna rahe. Meine kitni baar feel kiya hai khush hone i...
Hello Dosto कुछ दिन पहले की बात है मेरी बेटी इशिता और मैं कुछ लिखने का काम कर रहे थे मेरी बेटी ने मुझसे कहा की मम्मा आप पेन का कैप लगाकर काम करो उससे कैप खोयेगा नही चूँकि मैं हमेशा से ऐसे ही काम करती आई हूँ कैप साइड में रख कर क्युकी मुझे पेन पर कैप लगाने से पेन भारी महसूस होता है, मेने मना कर दिया तो तुरन्त ही मेरी बेटी ने भी पेन का कैप उतार दिया।मेने उससे इसका कारण पूछा तो उसने कहा आपने नही लगाया तो मुझे लगा कुछ तो कारण होगा बस इसीलिए मेने भी उतार दिया। बात पढ़ने और सुनने मे छोटी हो सकती है पर उस रोज़ मेने जो देखा और समझा वो छोटा नही था।मेरी बेटी इशिता 10 वर्ष की हो जायेगी 2 महीने बाद और मैं ये महसूस कर रही हूँ कुछ दिनो से कि वो मुझे काफी follow करने लगी है। ये बोहोत सुखद एहसास है क्युकी मैं हमेशा चाहती थी कि मेरी बेटी मेरी परछाई बने और वो हुआ भी है, पर साथ ही एक डर है एक बात है जो मेरे दिल और दिमाग दोनो पर छा गया है कि बच्चे वही सीखते हैं और वही अनुसरण करते हैं जो उनके माता पिता करते हैं तो क्या माता पिता को अपने तौर तरीकों पर ज्याद...
नमस्कार दोस्तों कुछ दिन पहले हमारे एक रिश्तेदार का फ़ोन आया उनका अपनी पुत्रवधु से कुछ विवाद चल रहा है जो कि अपने मायके में रह रही है पिछले छह महीने से उसके 2 बच्चे भी हैं, उनके हिसाब से हमने उसके परिवार से बात करने की कोशिश की है पर वो लड़की हर बार ससुराल में झगड़ा करती है और अपने मायके में जाकर बैठ जाती है और उसके माता पिता अपनी बेटी का गलत में भी साथ देते है।और हम लोग जब भी बात करने की कोशिश करते है तो उसके माता पिता हमसे गलत तरीके से बात करते हैं,७ साल शादी को हो गए। और पहले दिन से ही कुछ न कुछ विवाद चल रहा है, हर बार तो मेरा बेटा उसको मनाकर ले आता था 1 -२ महीने में पर इस बार बेटे ने भी मना कर दिया उसको लाने से। तो विवाद लम्बा खिंच गया है अब हम क्या करें? ये इनका कहना है मतलब एकतरफा बात पता है हमें अभी। और फ़िर अपनी ग़लती तो क़ोई बताता ही नही है। ...
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