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कुदरत एक अनमोल खजाना- Social sandesh

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आज सुबह 6.30 बजे जब मै बाहर गई अपने गार्डेन में तो मौसम बोहोत ही प्यारा लग रहा था,खुले आसमान की तरफ देखा तो कई महिनो बाद नीला रंग गजब ही लग रहा था। लगा मानो कुदरत महीनो से बारिश में नहाने के बाद निखर गई हो। बादल वापसी कर चुके हैं, जहा नही किये वहा से भी निकलने के लिये सामान बान्ध ही रहे होंगे।  ज्यादा अच्छा तब लगा जब टहलते हुए कुछ मोर पंख मिल गये। हाँ मोर बोहोत हैं यहाँ।कुदरत के कितने करीब होने का एहसास अलग ही होता है, आप कितने भी थके हुए हो सारी थकान पल में छू हो जती है। तरह-तरह की चिडियाँ आती हैं रोज दाना चुगने। दाना मुह मे लेती हैं फिर या तो पेड़ पर बैठ जाती हैं या उनमे से कुछ अपने घोसले मे अपने बच्चों को देकर फिर लौट आती हैं। उन्हे देख कर मन करता है काश की मैं भी चिडिया होती, पंख फैलाये दौड़ जती असमान मे ऊपर बोहोत ऊपर और चुरा लाती आसमान का नीला रंग जो दूर ही दूर से आकर्षित करता रहता है अपनी ओर। कितनी खूबसूरती का खजाना छिपा है यहाँ, असमान का हल्का नीला रंग, पेड़ पौधों का हरा और मन का अलग खुबसूरत रंग जो है पर दिखाई नही देता। छिपा है बस अन्दर मन के भीतर। बड़ा अच्छा लगता है जब मोर पेड़ो...

Anil Chauhan Ji ke Bare Mei Jankari- Jeevani

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दोस्तो जौसा की आप सब को ज्ञात हो ही गया होगा की लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान जी (रिटायर) भारत के दूसरे सी डी एस होंगे। इसकी घोषणा 22 सितम्बर 2022को की गई है। आइये जानते हैं कुछ मुख्य बातें ले. ज. अनिल चौहान जी के जीवन से जुड़ी हुई- ले. ज. अनिल चौहान का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले मे हुआ था। आपको बताते चले कि पहले सी डी एस जनरल विपिन रावत जी भी उतराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जिले से ही ताल्लुक रखते थे, पिछ्ले साल दिसंबर माह मे उनकी हेलिकॉप्टर दुर्घटना मे पत्नी सहित मृत्यु हो गई थी।तब से ही सी डी एस का पद खाली था और उस पर कोई नियुक्ति नही की गई थी। ले. जनरल अनिल चौहान का जन्म उत्तराखंड के पौढी गढ़वाल जिले मे 18मई 1961 हुआ था। इनकी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता के केंद्रीय विद्यालय से हुई। मात्र 20वर्ष की उम्र मे ही एन डी ए द्वारा भारतीय सैन्य एकेडेमी से ट्रेनिंग लेकर बतौर अधिकारी 11गोरखा राइफल्स मे कमीशन हुए। इनकी पत्नी का नाम अनुपमा चौहान है जो कि एक कलाकार हैं।इन्हे तिब्बती कला बोहोत पसंद है।व इनकी एक बेटी है जिसका नाम प्रज्ञा है। ले .जनरल अनिल चौहान जी को चीनी मामलों का विशेष जानकार माना जाता है...

Mera favourite festival- Shivani deshwal

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नमस्कार दोस्तों               आज सुबह ही मैने पतिदेव को याद दिलाया की करवा चौथ आ रही है इस बार क्या दिलाओगे तो उन्होने बोला कुच नही केवल मेरी तरफ देखा और अपना काम करने लगे।सोचा जाये तो इस खामोशी के कई अर्थ रहे होंगे,जैसे की तुमको जब देखो खर्चों की पड़ी रहती है या अभी 7वा वेतन आयोग तक लगायी नही है हाई कोर्ट,आदेश कब से हुआ रखा है,या फिर ये भी कि सुबह सुबह दिमाग का दही मत करो जाओ अपना भी काम करो और मुझे भी करने दो😁 पर मैं भी ठहरी शिवानी इसलिये बिना ज्यादा वक्त गँवाए मैंने अपने मतलब का अर्थ निकाल लिया कि अरे यार क्या बात करती हो सब तुम्हारा ही तो है जो चाहे ले लो😁😁                देखिए भई ये सच भी है कि आखिर है तो सब हमारा ही आखिर पति बेचारे खर्च ही कहाँ करते है? पर खर्च तो बिना बताये हम भी नही करते।अब देखिए हो चाहे जो भी पर शान्ति बड़ी है इस बात में। करवा चौथ मेरे पसंदीदा त्यौहारों में से एक है, मतलब वो भी कारण सही है कि भई खूब खर्च करवाते हैं उसके अलावा भी कई कारण हैं।कारण है उस दिन मुझमें एक अलग ही एनर्जी रह...

Bachpan ki yaadein - shivani deshwal

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 नमस्कार दोस्तो  सबलगढ़ में ज्यादातर महिलाएं साड़ी पहनती हैं, साड़ी ही उनका रोज का पहनावा है, जब भी मंदिर जाती हूँ तो कीर्तन होते होते रहते है मंदिर में, वह बोहोत सारी महिलाये कीर्तन करती है, अच्छा भी लगता है, हालाकि में वह जयादा देर रुक नहीं पाती, वापस आ जाती हूँ पर जाने अनजाने मन वही छोड़ आती हु, वही ढोलक की थाप, ताली बजाते हाथ घर वापस आने के बाद भी कानो में गूंजते रहते है, असली तीज त्योहर या संस्कृति छोटे शहरों में अभी भी जिन्दा है किसी न किसी रूप में, बड़े शहरों में तो बस दिखावा ही रह गया है।  में छोटी थी तो मम्मी को अक्सर सुन्दर सुन्दर साड़ी पहने हुए देखा करती थी।तब हम तीनो भाई बहन छोटे हुआ करते थे, मम्मी सुन्दर बोहोत लगती थी साड़ी पहने हुए, तब हम उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के सिम्भावली नाम के कस्बे में रहते थे, पापा वहाँ चीनी मिल में नौकरी करते थे (उ.पृ. में बोहोत बड़ी संख्या में चीनी मिले हैं) छोटी जगह थी , ज्यादातर सभी एक दूसरे को जानते थे, मंदिर जाना हो, किसी के घर ,हम तीनो भाई बहन वही पैदा हुए, बोहोत मज़ा आता था , सब लोग बोहोत प्यार करते थे, कही हमे कोई बाहर खेलते देख ल...

मेरी कविता - शिवानी देशवाल

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वो तेरा रूठना मनाना याद आता है,  वो तेरा मुस्कुराना याद आता है । यूँ तो और भी हैं,रिश्ते नाते नये पुराने, पर वो तेरा गले लगाना याद आता है। कितनी बाते हैं जो अनकही ही रह गयी, कितनी यादें हैं जो पास ही रह गयी, फिर वो वक़्त लौटा तो लाये कोई, दूर से देखकर तेरा दौड़ के आना याद आता है। वो तेरा रोना मुस्कुराना याद आता है। यूँ तो तेरे गम से पथरा गई है आँखे, वो तेरी कभी ना खत्म होने वाली बाते, थाली बजाकर जोर जोर से गाने गाना याद आता है, वो तेरा रूठना मेरा मनाना याद आता है। कभी सोचा था किसने तन्हा रह जाऊंगी मैं, चाहकर भी तुझसे मिल ना पाऊँगी मैं, रातो को छुपते छुपाते मैगी बनाकर खिलाना याद आता है। फिर तेरा रूठना मेरा मनाना याद आता है। कितना दिलदार था तू यार, बड़ा दिल ले गया, उम्र भर के रिश्ते मे सब कुछ दे गया, देख मुड़ के तो सही कहाँ छोड़ गया रे तू, वापस आने के सब रास्ते मोड़ गया रे तू, कितना खुलकर तेरा चहचहाना याद आता है। और फिर एक बार वो तेरा रूठना मेरा मनाना याद आता है। Dedicated to my brother shaheed lt. AKASH CHAUDHARY Shivani deshwal Shishu9.blogspot.com Shivi chaudhary vlogger

kitty party (किटी पार्टी)- shivani deshwal

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नमस्कार दोस्तों  जैसा की आप सब नाम से ही समझ गए होंगे किटी पार्टी आज का शीर्षक है, जिसके बारे में हम बात करने वाले हैं, जब मैंने इंटरनेट छाना, गूगल सर्च किया तो मुझें कुछ खास जानकारी हाथ नहीं आयी और जो जानकारी मिली वो कुछ ख़ास नहीं लगी।क्युकि शायद लोग अपनी बात समझा नहीं पाए चूकि मेरी वास्तविकता और खासियत तो आप सब जानते ही हैं की में अपने ब्लॉग अपने ऊपर ही लिखती हूँ या उन्ही विषयो पर लिखती हूँ जो में खुद फॉलो करती हूँ। तो मुझे आईडिया आया कि मैंने भी किटी पार्टी ओर्गनाइज की है, और अटेंड भी तो क्यों ना कुछ अपने शब्दों में सरल भाषा में ही बताया जाये।                         किटी को लोग अक्सर बड़े लोगो के शौक़, बिना काम काज वाली औरतों के चोंचले के रूप में देखतें हैं। या फिर रेव पार्टीज़, महंगे होटल, विज्ञापन करने के तरीक़े या दिखावा करने की जग़ह के रूप में भी देखते है। बोहोत लोगो को लगता है की बोहोत सारे पैसे, महंगे शौक, को पालने वाले या दिखावा करने वाले लोग ही किटी कर सकते है। धीरे धीरे किटी समाज में एक स्टेटस सिंबल बन गयी है, ऐसा ह...

वो तेरा आना, वो तेरा जाना - dard shayari, dard kavita

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नमस्कार दोस्तों   कैसे है आप सब? दोस्तों आज आपके लिए एक छोटी सी कविता (POEM ) लायी हूँ , उम्मीद करती हूँ आपको आपको पसंद आएगी, मुझे हमेशा की तरह यूँ ही प्यार देते रहिये                                  वो तेरा आना, वो तेरा जाना                                 तेरा बार बार बहाने से मुझसे मिलने आना                                 बनाकर कोई नया बहाना,                                जाने क्यों पलछिन याद आते हैं                                 हाँ , मुझे वो पल, वो दिन याद आते हैं,                           ...